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ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत कार्रवाई
- मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बता कर दिया था झांसा
- डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को ठग रहे साइबर ठग
- पुलिस ने दी चेतावनी, डिजीटल अरेस्ट जैसी कोई कार्रवाई नहीं करती पुलिस, क्राइम ब्रांच
रायपुर
विधानसभा इलाके में एक बुजुर्ग को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट बात कर एक करोड़ से अधिक ऑनलाइन ठग लिया। साइबर ठगों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और बुजुर्ग को डराया कि उनके आधार नंबर से एक बैंक खाता खुला है, जिसमें मनी लांड्रिंग के जरिए करोड़ों रुपए ब्लैकमनी भेजा गया है। इसलिए उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। बाद में बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट करते हुए ऑनलाइन 24 घंटे वीडियो कैमरे के सामने रहने के लिए कहा गया। ठगों ने बुजुर्ग को गिरफ्तारी का भय दिखाकर एक करोड़ 25 लख रुपए ऑनलाइन ले लिया था। इसकी शिकायत बुजुर्ग ने विधानसभा थाने में दर्ज कराई थी।
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश देते हुए रेंज साइबर थाना रायपुर को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी तथा ठगी की रकम को चिन्हित कर होल्ड/जप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है मामला
प्रार्थी सपन कुमार द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों ने स्वयं को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर प्रार्थी के क्रेडिट कार्ड के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा मामला दर्ज होने की बात कहकर भयभीत किया। इसके बाद प्रार्थी को 24 घंटे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर जुड़े रहने के लिए मजबूर कर तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखते हुए उससे लगभग ₹1.25 करोड़ की धोखाधड़ी कर ली गई। प्रकरण में थाना विधानसभा में अपराध क्रमांक 22/26 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस एवं 66(D) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
ऐसे पकड़ा गया ठग
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा द्वारा मामले की गंभीरता को देखते तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर मुख्य आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही करने निर्देश दिया गया था। विवेचना के दौरान ठगी की राशि को विभिन्न लेयर के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाना पाया गया, जिसे चिन्हित कर तत्काल प्रभाव से होल्ड कराया गया। आगे की विधिक कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय की प्रक्रिया के माध्यम से ₹58 लाख की राशि पीड़ित को वापस कराई जा चुकी है। साथ ही शेष संपूर्ण राशि को भी आरोपी से जुड़े विभिन्न बैंक खातों में होल्ड करा दिया गया है, जिस पर आगे वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
जांच के दौरान प्रकरण में संलिप्त मुख्य आरोपी सोमनाथ महतो की पहचान की गई। आरोपी घटना के पश्चात लगातार अपना स्थान बदल रहा था। उसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को दिल्ली एवं हरियाणा रवाना किया गया। पुलिस टीम द्वारा सतत प्रयास करते हुए मुख्य आरोपी सोमनाथ महतो को गुड़गांव, हरियाणा से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।